सोनिया गांधी लिखती हैं: इतिहास डॉ. मनमोहन सिंह को अच्छे नज़रिए से याद रखेगा
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह। (फ़ाइल फ़ोटो)सोनिया गांधी लिखती हैं: इतिहास डॉ. मनमोहन सिंह को अच्छे नज़रिए से याद रखेगाउनकी ईमानदारी पर लगे आरोप खोखले साबित हुए हैं, और उनके कार्यकाल को अब सही रूप में...
View Articleमैं यूपी की नारी हूं, हर रोज जलाई जाती हूं”
डॉ. रागिनी सोनकर डॉ. रागिनी सोनकर की शैली तथ्य और भावना का मिश्रण है जहाँ वे आँकड़ों और उदाहरणों के साथ-साथ कविताओं और भावनात्मक अपील से समाजवादी राजनीति को जीवंत करती हैं।उत्तर प्रदेश की समाजवादी...
View Articleअर्जक आंदोलन
रामस्वरूप वर्मा और ब्राह्मणवाद के विरुद्ध मानवतावाद की मशाल बना अर्जक आंदोलनअर्जक संघ ने तीन बड़े परिवर्तन किए: ब्राह्मणवादी विवाह के स्थान पर अर्जक विवाह, मरने पर होने वाले ब्रह्मभोज के स्थान पर शोक...
View Articleराष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
बाबा साहब ने क्या इसीलिए कुर्बानी दी थी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भारत का एक भारतीय दक्षिणपंथी हिंदुत्व स्वयंसेवी[1] अर्धसैनिक संगठन है।[2] यह संघ परिवार नामक हिंदुत्व संगठनों के एक बड़े समूह का जनक और...
View Articleगुरु-शिष्य परंपरा, वर्ण व्यवस्था और सामाजिक समानता पर विचार
गुरु-शिष्य परंपरा, वर्ण व्यवस्था और सामाजिक समानता पर विचारhttps://www.youtube.com/watch?v=grDhDOxHqCQनमस्ते! आपका प्रश्न और चिंता बहुत गहन है। भारतीय शिक्षा परंपरा, विशेषकर गुरु-शिष्य परंपरा, वर्ण...
View Articleआदिम जातियां और प्रारंभिक जीवन
बुद्ध से पहले भारत में कई चिंतक और समाज सुधारक हुए जिन्होंने धार्मिक कर्मकांड, कठोर वर्ण व्यवस्था और यज्ञ-बलियों की आलोचना की। बुद्ध ने इन प्रवृत्तियों को आगे बढ़ाते हुए करुणा, समानता और व्यावहारिक...
View Articleश्रद्धांजलि सभा (अजय कुमार यादव 'बजरंगी')
जो 6 फरवरी 2026 को हमसब को छोड़कर चले गये :॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰जिस परिवार का सदस्य होने के नाते अपने सामने जिनको खोते हुए देखा है उनमें दादी पिताजी छोटा भाई और फिर उससे छोटा भाई उनसे पहले उनकी पत्नी। यह भी अजीब...
View Articleब्राह्मणवाद का अंतिम संस्कार
ब्राह्मणवाद का अंतिम संस्कार के बारे में :"**ब्राह्मणवाद का अंतिम संस्कार**"यह वाक्यांश मुख्य रूप से सामाजिक-राजनीतिक और विरोधी विमर्श में इस्तेमाल होता है, खासकर उन लोगों द्वारा जो ब्राह्मणवाद को...
View Articleब्राह्मणों का भारत में आगमन और मूल जातियों पर उनका अधिकार
ब्राह्मणों का भारत में आगमन और मूल जातियों पर उनका अधिकारब्राह्मणों का भारत में आगमन एक विवादास्पद ऐतिहासिक विषय है, जो मुख्य रूप से इंडो-आर्यन माइग्रेशन थ्योरी (Indo-Aryan Migration Theory) से जुड़ा...
View Articleकिसान जातियों का भारत के सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक और राजनैतिक योगदान
किसान जातियों का भारत के सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक और राजनैतिक योगदानभारत में "किसान जातियां"मुख्य रूप से उन समुदायों को संदर्भित करती हैं जो परंपरागत रूप से कृषि से जुड़े रहे हैं, जैसे जाट, यादव...
View Articleगौतम बुद्ध (जन्म ५६३ ईसा पूर्व – निर्वाण ४८३ ईसा पूर्व)
गौतम बुद्ध (जन्म ५६३ ईसा पूर्व – निर्वाण ४८३ ईसा पूर्व) एक श्रमण थे जिनकी शिक्षाओं पर बौद्ध धर्म का प्रचलन हुआ। [2]इनका जन्म लुंबिनी में 563 ईसा पूर्व अनार्य शाक्य कुल के राजा शुद्धोधन के घर में हुआ...
View Articleश्रमण और ब्राह्मण परम्परा
श्रमण परम्पराश्रमण परम्परा (पालि : समण) भारत में प्राचीन काल से जैन, आजीविक, चार्वाक, तथा बौद्ध दर्शनों में पायी जाती है। [1] भिक्षु या साधु को श्रमण कहते हैं, जो सर्वविरत कहलाता है। श्रमण को पाँच...
View Articleबहुजन समाज की फूट ही उसके विनाश का महत्वपूर्ण कारण है लेकिन उसका निदान क्या है
बहुजन समाज की फूट ही उसके विनाश का महत्वपूर्ण कारण है लेकिन उसका निदान क्या है ?---------------------------बहुजन समाज की फूट वाकई उसके राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक पतन का एक प्रमुख कारण रही है, जैसा कि...
View Articleज़ोहो ईमेल या सरकारी फ़ाइलों में संघ की सेंध?
(सत्य हिंदी से साभार पंकज श्रीवास्तव का आलेख) ज़ोहो ईमेल या सरकारी फ़ाइलों में संघ की सेंध?विश्लेषणपंकज श्रीवास्तवज़ोहो ईमेल या सरकारी फ़ाइलों में संघ की सेंध?14 OCT, 2025sridhar vembu zoho rssश्रीधर...
View Article2025 अक्टूबर माह में दलित पर हुए अत्याचारों पर बहन मायावती, संघ और मोदी का...
2025 अक्टूबर माह में दलित पर हुए अत्याचारों पर बहन मायावती, संघ और मोदी का असली रूप और जिम्मेदारी :### 2025 अक्टूबर में भारत में दलितों पर हुई प्रमुख घटनाएं: एक क्रमबद्ध विवरण2025 के अक्टूबर महीने (1...
View Articleइतिहास की संरचना को समझने के लिए प्रमुख कारक
इतिहास की संरचना को समझने के लिए कई प्रमुख कारक हैं जो इसे आकार देते हैं। ये कारक सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और पर्यावरणीय पहलुओं को शामिल करते हैं। निम्नलिखित हैं इतिहास की संरचना के प्रमुख...
View Articleटीवी डिबेट के कोलाहल में संभावनाओं से भरी दो आवाजें
लेंस संपादकीयटीवी डिबेट के कोलाहल में संभावनाओं से भरी दो आवाजेंEditorial Board, Last Updated: September 12, 2025 9:17 PmEditorial Board, Kanchana Yadav and Priyanka Bhartiहाल के बरसों में टीवी चैनलों...
View Articleबौद्ध मंदिरों और विहारों का विध्वंस और पतन : एक विश्लेषण - पुष्यमित्र शुंग और...
बौद्ध मंदिरों और विहारों का विध्वंस और पतन: एक विश्लेषण- डॉ ओम शंकर (वरिष्ठ ह्रदय रोग विशेषज्ञ हैं जो BHU में पोस्टेड है)भारत में बौद्ध मंदिरों और विहारों का विध्वंस अनेक चरणों में कई शताब्दियों तक...
View Articleअस्पृश्यता उसका स्रोत ; बाबा साहेब डा. अम्बेडकर संपूर्ण वाड्मय
अस्पृश्यता-उसका स्रोत ऐसे लोगों की कमी नहीं है जो अस्पृश्यों की दयनीय स्थिति से दुखी हो यह चिल्लाकर अपना जी हल्का करते फिरते हैं कि हमें अस्पृश्यों के लिए कुछ करना चाहिए।'लेकिन इस समस्या को जो लोग हल...
View Articleडॉ अनिल जयहिंद का डॉ लाल रत्नाकर से व्हाट्सएप्प संवाद : 10 ;03 ;2025
डॉ अनिल जयहिंद का डॉ लाल रत्नाकर से व्हाट्सएप्प संवाद :10 ;03 ;2025 (श्री राहुल गांधी जी ने इनको (डॉ अनिल जैहिन्द यादव को) संविधान बचाने की जिम्मेदारी दे रखी है और उनकी समझ कितनी है इस संवाद में समझ...
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